बारिश के मौसम में ऐसे रखें अपनी आंखों का खास ख्याल

बारिश का सीजन आ गया है। ऐसे में हमारी आंखों में Problem हो सकती है। आंखों में होने वाली  Problem की एक वजह आंखों में गंदगी जाना और गंदे हाथों से आंखों को मलना भी हो सकता है।  जब हमारी आंखों में एलर्जी पैदा करने वाले तत्व या तकलीफ देने वाले पदार्थ जैसे पराग कण, परफ्यूम और कॉस्मेटिक्स, वायु प्रदूषण, धुंआ आदि चले जाते हैं। तो ये हमारे कंजक्टिवा को प्रभावित करते हैं और इसके कारण आंखों में जलन होती है।

कंजक्टिवा एक पतली झिल्ली होती है। जो हमारी आंखों को ढंकती है। इसके साथ ही हमारी आंखों को सुरक्षित रखती है। अत: इस संक्रमण को कंजंक्टिवाइटिस बोलते हैं। कुछ कंजंक्टिवाइटिस मौसमी होते हैं। जो पराग कणों के कारण होते हैं तथा कुछ ऐसे होते हैं जो पूरे साल में कभी हो सकते हैं। इस प्रकार के कंजंक्टिवाइटिस घर में पाए जाने वाले धूल कणों के कारण होते हैं। समय पर सही उपचार करने से यह पूरी तरह ठीक हो जाता है।red spot in eyes

 

एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण: एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस का सबसे प्रमुख लक्षण आंखों में खुजली होना तथा बाद में आंखों के अंदर के सफेद भाग का लाल हो जाना है।

क्या हैं घरेलू उपचार:  बात करें इस परेशानी से बचने के की तो घरेलू उपचारों इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। घरेलू उपचार में एक साफ कपड़े को ठंडे पानी में भिगोंए तथा इसे आंखों पर लगाने से इस परेशानी से निजात पाया जा सकता है।

कंजंक्टिवाइटिस की उपलब्ध दवाईयां: एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस के उपचार के लिए कई दवाईयां मेडिकल स्‍टोर में उपलब्ध हैं। ‘एंटीहिस्टिमनिक’ और ‘डिकन्जस्टेंट’ ड्रॉप्स आंखों की जलन और लालिमा से राहत दिलाते हैं। इसके अलावा इसे बार-बार आने से रोकने के लिए ‘मैस्ट सेल स्टेब्लाइजर्स’ का उपयोग किया जा सकता है। हालंकि सबसे अहम बात यह है कि इसका उपयोग डॉक्टर या विशेषज्ञों की सलाह पर ही करना चाहिए क्योंकि गलत दवाईयां लेने से स्थाई तौर पर अंधापन आ सकता है।




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