बीएस 3 वाले वाहन बेचने पर लगेगा जुर्माना

नए एमिशन मानक भारत स्टेज 4 के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट, इससे पहले के मानकों पर आधारित गाड़ियों की सेल पर फाइन लगा सकता है। अपेक्स कोर्ट की बेंच के मुताबिक, केंद्र ने नए एमिशन प्रॉजेक्ट के लिए काफी पैसा खर्च किया है और अगर इसके बाद भी मैनुफैक्चरर्स प्रदूषण फैलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं तो उन्हें इसकी भरपाई करनी होगी।

मैनुफैक्चरर्स ने कोर्ट से अपील की थी कि उन्हें प्रॉड्यूस हो चुके वाहनों के निस्तारण के लिए कुछ वक्त दिया जाए। इस मामले में न्यायमित्र की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और अपराजिता सिंह ने कोर्ट से कि उत्पादकों को पता था कि 1 अप्रैल से नए मानक लागू होने वाले हैं, फिर भी उन्होंने उत्पादन जारी रखा।

मैनुफैक्चरर्स की दलील थी कि इससे पहले जब भारत स्टेज 2 और भारत स्टेज 4 (क्रमशः 2005 और 2010 में) मानक आए थे, तब निर्धारित तारीख के बाद वाहनों के रजिस्ट्रेशन जारी रहे थे, सिर्फ आगे उनके उत्पादन पर रोक लगी थी।

सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में 3 संभावित उपाय हो सकते हैंः पहला कि सख्ती से इन गाड़ियों की सेल पर बैन लगा दिया जाए; दूसरा यह कि इनका रजिस्ट्रेशन जारी रखा जाए, लेकिन इन्हें बड़े शहरों में चलने की अनुमति न दी जाए और तीसरा यह कि उत्पादक इसके लिए सरकार को जुर्माना देकर, उसके खर्चे की भरपाई करें।

फिलहाल कोर्ट में इस मामले में पर 27 मार्च को अगली सुनवाई होगी और कोर्ट उसके बाद ही इस संबंध में फैसला सुनाएगा। आपको बता दें, बीएस-IV का मतलब है भारत स्टेज-4। ये गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण के लिए निर्धारित मानक हैं। मार्च 31 के बाद सभी गाड़ियों को इन मानकों का पालन करना होगा।




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